लय की व्याख्या और उसे लिपिबद्ध करने का ढंग
( १ ) मध्यलय
जब कोई गायक गाना आरम्भ करे तो पहिले उसकी बराबर की लय मालुम कर लेनी चाहिये । बराबर की लय को ही मध्यलय कहते हैं, मध्य का अर्थ है बीच । अर्थात् वह इसी लय को आधार मानकर अन्य लयों का प्रदर्शन करेगा ।
हम कोणसे भी १ गीत की पहिली लाइन मान लेंगे इसे मध्यलय में मानकर आगे की लय बताने में सुविधा होगी। साथ ही हम इस गीत की लाइन के १६ अक्षरों को गाने का समय मध्यलय में १६ सैकिंड मान लेते है। यह हमारा मानदण्ड है, इसी के गणित से अन्य लय समझाने की चेष्टा की जायगी।
(१) मध्यलय (तीनताल ) १६ सैकिंड
उपरोक्त गीत के १६ अंतर १६ सैकीन्ड में गाये गये और इसे हमने मध्यलय मान ली, अब इस लय को विलम्बित लय करके दिखाते हैं, अर्थात उपरोक्त लय से १६ अक्षर गाने में जितना समय लगा था, अन उसमे दुगुना समय अर्थात ३० सैकींड इन्हीं १६ अक्षरों को गाने में लगेगा।
(२) विलम्बित लय
(तीनताल )इस प्रकार ३२ सैकिंड में यही १६ अक्षर गाये गये, तो हम कहेंगे कि यह हमारी अर्ध लय होगई। इसे ही विलंबित लय भी कहेंगे।इस प्रकार ६४ सैकिन्ड में वे ही १६ अक्षर गाये गये, अर्थात मध्यलय १ से इसकी गति चौथाई हुई, क्योंकि मध्यलय में हमने १६ सैकिन्ड में ही १६ अक्षर गा लिये थे और उन्हीं १६ अक्षरों को गाने में यहां चौगुना समय लग गया, इसलिये हमारी लय की गति चौथाई हो गई। इसे ही अति विलम्बित लय कहेंगे। यह तो लय को घटाने या विलम्बित करने का गणित हुआ, अब आगे लय को बढ़ाने का हिसाब बताया जाता हैः
(४) दुगुनलय ( द्रुतलय )
इसकी चाल १ वाली मध्यलय से ठीक दुगुनी होगी, इसलिये इसे दुगुन कहेंगे और चूँ कि इसकी चाल में पहिले की अपेक्षा तेजी है, इसलिये इसे द्रुतलय भी कहते है। द्रुत का अर्थ है जल्द या तेजी । द्रुतलय को इस प्रकार लिपिबद्ध करेंगेःपाठकों को मालुम ही है कि मध्यलय के उपरोक्त १६ अक्षरों को १६ सैकीन्ड में गाया गया था, अब वे ही १६ अक्षर में सैकीन्ड में ८ गा लिये, अतः यह हुई दुगुन लय ।
(५) तिगुनलय
इस लय में मध्यलय से तिगुनी चाल हो जायगी, अर्थात अब उन्हीं १६ अक्षरों को गाने में मध्यलय की अपेक्षा एक तिहाई समय लगेगाःनोट- “जयजय गिरधर नटवर मनह” इन १५ अक्षरों को गाने में ५ सैकिंड लगे और अन्तिम अक्षर में सैकिंड लगी।इस प्रकार तिगुनलय में उन्हीं १६ अक्षरों को गाने मे १६-३-५ १/३ सैकीन्ड लगेगी और यदि इसे ३ बार गाया जाय तो पूरी १६ सैकीन्ड में सम पर आ जायेगे ।
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