स्वरपकड़ संगीत जगत का मुफ़्त खेल है: नीचे से ऊपर तैरते स्वर-बुलबुलों में से, ऊपर दिखाए पलटे के स्वर उसी क्रम में टैप करें। हर सही स्वर सुनाई भी देता है — आँख और कान, दोनों का अभ्यास।
SwarPakad · स्वरपकड़ …
10 अध्याय, 100 लेवल
शुरुआत मध्य सप्तक के आरोह से होती है। फिर अवरोह, अलंकार, मंद्र और तार सप्तक, कोमल स्वर, तीव्र मध्यम, दस थाट, रागों के आरोह-अवरोह और पकड़, और अंत में गुरु लेवल — जहाँ पलटा केवल सुनाई देता है। हर अध्याय का दसवाँ लेवल परीक्षा है: अगले अध्याय के लिए कम से कम दो तारे चाहिए। पहले तीन लेवल बिना लॉगिन खेल सकते हैं; आगे के लिए मुफ़्त खाता।
सुरुवात मध्य सप्तकातील आरोहापासून होते. मग अवरोह, अलंकार, मंद्र आणि तार सप्तक, कोमल स्वर, तीव्र मध्यम, दहा थाट, रागांचे आरोह-अवरोह आणि पकड, आणि शेवटी गुरु स्तर — जिथे पलटा फक्त ऐकू येतो. प्रत्येक अध्यायाचा दहावा स्तर परीक्षा आहे: पुढच्या अध्यायासाठी किमान दोन तारे हवेत. पहिले तीन स्तर लॉगिनशिवाय खेळता येतात; पुढे मोफत खाते.
स्वरपकड हा संगीत जगतचा मोफत खेळ आहे: खालून वर तरंगणाऱ्या स्वर-बुडबुड्यांतून, वर दाखवलेल्या पलट्याचे स्वर त्याच क्रमाने टॅप करा. प्रत्येक योग्य स्वर ऐकूही येतो — डोळे आणि कान दोघांचा सराव.
पलटा क्या है?
पलटा (अलंकार) स्वरों का एक तय क्रम है — जैसे सा रे ग, रे ग म, ग म प — जिसे एक-एक स्वर आगे बढ़ते हुए आरोह और अवरोह में गाया या बजाया जाता है। पलटों के अभ्यास से स्वर-स्थान, स्वरों का क्रम और गले या उँगलियों की सफ़ाई पक्की होती है।
पलटा (अलंकार) म्हणजे स्वरांचा ठराविक क्रम — उदा. सा रे ग, रे ग म, ग म प — जो एकेक स्वर पुढे सरकत आरोहात व अवरोहात गायला किंवा वाजवला जातो. पलट्यांच्या सरावाने स्वरस्थाने, स्वरांचा क्रम आणि गळ्याची किंवा बोटांची सफाई पक्की होते.
लिपि पं. भातखंडे पद्धति की है: कोमल स्वर के नीचे रेखा (रे, ग, ध, नि), तीव्र मध्यम के ऊपर खड़ी रेखा, मंद्र सप्तक के स्वर के नीचे बिंदु और तार सप्तक के स्वर के ऊपर बिंदु। स्वर समान स्वरांतर (equal temperament) में बजते हैं — श्रुति और मींड इसमें नहीं हैं। यह अभ्यास का खेल है, गुरु के मार्गदर्शन का विकल्प नहीं।
A palta (alankar) is a fixed pattern of swars, such as Sa Re Ga, Re Ga Ma, Ga Ma Pa, practised step by step in aaroh and avaroh. The notation follows Pt. Bhatkhande: a line below komal swars, a vertical line above tivra Ma, a dot below lower-octave swars and above upper-octave swars. Sounds use equal temperament (no shrutis or meend). A practice game — not a replacement for a guru.
SwarPakad is a free game by Sangeet Jagat: swar bubbles float up from the bottom — tap the swars of the palta shown at the top, in the same order. Every correct swar also sounds, so eyes and ears practise together.